कोरना काल में भारतीय मुद्दे जो विशेष चर्चा में रहे: किस से किसका हुआ ज्यादा फायदा

कोरना काल में भारतीय मुद्दे जो विशेष चर्चा में रहे: किस से किसका हुआ ज्यादा फायदा


 3 महीने से बंद पड़े भारत में कई सारे बड़े और छोटे मुद्दे रहे आज हम हमारे ब्लॉगर माय के माध्यम से चर्चा करेंगे कि किस प्रकार राजनीति हुई मजदूरों पर उनके कीट पर रोड पर चलते हुए लोगों पर के वहीं यूपी में 1000 बसों की राजनीति ,कालाबाजारी अनैतिक भंडारण, दवाइयों को लेकर अमेरिका का बदला तेवर, वही रिस्पांसिबल इंडियन बनने का अवसर कैसे लोगों का फिर से क्यों में पलायन हुआ है उसका हम हमारे ब्लॉगर janstaa.com के माध्यम से चर्चा करेंगे कि इससे किसको फायदा हुआ है और किस को नुकसान
कोरना काल

1. सबसे बड़ा मुद्दा रहा की पैदल रोड पर चलता मजदूर


 भारत जहां विविधताओं का देश है रोजगार में भी विविधता भारत की पहली पहचान रही है यहां अंतर्गत राज्यों में मजदूरी के लिए लोग इधर से उधर पलायन करते रहते हैं लोग गांव से निकलकर शहरों में अपने रोजगार पर थे सभी देश में 22 तारीख को कोरोना को देखते हुए लोग डाउन हो गया तुम मजदूरों को अपने घर तक जाने को लेकर कई सारी राजनीतिक चर्चाएं हुई कई सारे मार्मिक दृश्य रोड पर देखने को मिले मगर राजनेताओं ने  कहीं अच्छे काम किए तो तू कहीं लोगों को खाली मजदूर समझा गया इसलिए मजदूर पैदल ही अपने घर के लिए रवाना हो गया और कईयों ने तो हजार किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर पैदल अपने बच्चों या ग्रस्त के साथ कईयों ने तो राज्य छोड़ने पर अपने जरूरत के सामान के अलावा के सामान को वहीं छोड़कर पैदल ही निकल गए

2. कालाबाजारी एवं वस्तुओं का अनैतिक भंडारण


कोरोना के समय लोगों की जरूरत के सामान को लोगों ने कई गुना अधिक लाभ के साथ लोगों को परिस्थिति के अनुरूप लूटने का कार्य भी किया है लोगों ने कालाबाजारी एवं वस्तुओं का नैतिक भंडारा राज्य स्तर पर कर दिया है लोकडाउन  लोन की अवधि को 6 माह से अधिक का मान कर कई लोगों ने कई सारी वस्तुओं का भंडारा कालाबाजारी के उपयोग के लिए कर लिया है वही मानवता की भी कई मिसाल देखने को मिले वहीं लोगों को पुलिस द्वारा आम जनता द्वारा खाने के पैकेट और राहत कैंप जिन पर पैदल चल रहा मजदूर रेस्ट  कर सकें कला बाजार भी निगाहों में ना होते हुए भी काफी सारा काफी बड़ा मुद्दा है इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि कोराना काल में कई सारे राशन की दुकानों पर रसद विभाग द्वारा कार्रवाई की गई जिसमें उन दुकानों पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर सामान बेचने पर कार्रवाई की गई


3.प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 बसों पर यूपी सरकार व राजस्थान सरकार के बयान


 प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए प्रियंका गांधी ने 1000 बसों को यूपी सरकार द्वारा मंजूरी के लिए भेजा गया जिस पर काफी विवाद   रहा दोनों सरकारों में काफी तेरे की बयान बाजी आई है सामने जब प्रियंका गांधी ने हजार बसें लगाई यूपी सरकार ने जब बसों के नंबर की इंक्वायरी की तो उसमें से कई सारे स्कूटर ऑटो के नंबर शामिल थे इस पर लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर अंगुलियां उठाई तभी प्रियंका गांधी ने पलटवार कर का है कि यूपी सरकार कागजों में ना उलझे और मजदूरों को घर पर छोड़ने का प्रयास करें सरकार केंद्र सरकार में काबिज होते हुए 1000 की बजाय 2010 से लगाकर मजदूरों को शीघ्र से शीघ्र घर छोड़े

क्या भविष्य के लिए तैयार है इंडिया  Corona all study India vs all world

4 .state home तहत रिस्पांसिबल इंडियन बनने का अवसर


 रिस्पांसिबल इंडियन होने का अवसर डी प्रत्येक नागरिक को मिला इस पर कई सारे नागरिकों को सम्मान तथा कई सारे नागरिकों को मैं समाज का दुश्मन हूं के साथ सेल्फी लेने का मौका मिला कोरोना में केवल घर से ना निकलना है ही सबसे बड़ा सहारा था जिसे स्टे होम कहां गया जो व्यक्ति अपने घर पर रहकर अपने गरीब और घरवालों के बीमारी को घर पर ना लाने के लिए जिम्मेदार साबित हुआ वहीं भारतीय नागरिक कनिष्ठ और रिस्पांसिबल इंडियन होने का अवसर भी कोरोना काल में देखने को मिला तो कई सारे लोग शर्म के भी हकदार बने आज भी हमें जब वैक्सीन नहीं बनाए तो शर्मसार करने का मौका नहीं देना है एहतियात के तौर पर सभी प्रकार के कानूनों का पालन करते हुए कोराना के बचाव के लिए हर समय मास्क अनिवार्य रूप से पहनना हैएवं सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन भी हमें   याद रख कर करना होगा


5. लोगों को फिर से आई गांव की याद


 लंबे लोग तो उनको देखते हुए अंतर्गत जो में गए हुए मजदूर फिर से गांव में बसने के सपने देखने लग गए हैं लोगों को फिर से गांव की मिट्टी पसंद आ रही है वहीं सरकार भी इन्हें गांव में स्थाई रूप से बचाने के लिए महानरेगा को प्रभावी रूप से चलाया गया है एवं किसान सम्मान निधि में इन्हें गांव में स्थाई रूप से रोजगार है कृषि क्षेत्र में अपने स्वर्णिम भविष्य के लिए ₹6000 प्रति वर्ष सहायता प्रदान की जा रही है इसी को देखते हुए लोगों ने गांव में ही अपने बसर बसर के लिए अपनी पैतृक संपत्ति पर कृषि कार्यों में संलग्न हो गए हैं वहीं सरकार को भी इनके लिए सर्जनात्मक रोजगार कार्य तो सरकार को ही भविष्य में फायदा होगा

6. 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज जो राहा  विशेष चर्चा में


 3 lockdown  कदम की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए एक आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई जिसका वित्त मंत्री सीतारमण ने पैकेज घोषणा के 5 दिन तक पैकेज की विवरण संबंधी जानकारी दी थी यह विषय भी दोनों सरकारों के बीच पक्ष विपक्ष का काफी अच्छा मुद्दा दोनों ही सरकारों ने अपने-अपने पक्ष पेश किए हैं जहां कांग्रेस का कहना है कि गरीबों को सीधे ही पैसे देकर लगभग कांग्रेस का मानना है कि प्रत्येक गरीब के खाते में ₹7000 प्रति माह के हिसाब से 3 माह तक यदि पैसा दे दिया जाएगा तो कोरोना काल में हुई आरती कहानी फिर से पूर्ण हो सकती है वहीं मोदी सरकार का कहना है कि लोगों को बिना मजदूरी है और रोजगार के पैसा देना भी श्रम शक्ति के कलात्मक अध्ययन का हनन होगा इसमें माननीय व्यवहार मैं आदत पूर्व बदलाव आएगा इससे मजदूर या व्यक्ति मुफ्त खोरी में संलग्न कर उसके अंदर छुपे हुनर को आलस द्वारा मार देगा इसलिए सरकार ने लोन के माध्यम से आर्थिक सहायता देने का निश्चय किया है इसमें व्यक्ति को अपने रोजगार के हेतू आर्थिक सहायता के रूप में लोन दिया जावे ताकि लोग अपनी रोजमर्रा के व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर हो जावे ताकि लोग मुफ्त खोर इसके शिकार ना हो गए

7. कांग्रेस सरकार का spickon प्रोग्राम


कांग्रेस सरकार ने स्पीकर प्रोग्राम के तहत देशव्यापी अभियान की शुरुआत की है इसके तहत कांग्रेस का मानना है कि मनरेगा की मानदेय आए इजाफा किया जाए ऐसे 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन की रोजगार गारंटी के लिए सुनिश्चित किया जाए एवं प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 10000 की राशि एक बार डालकर अर्थव्यवस्था को पुनः ऊपर उठाने के लिए व्यक्ति के पास खर्च के लिए कुछ नहीं बचा है 50 दिन के लोग डाउन में काफी सारी कंपनियां बेरोजगार हो चुके श्रमिकों को जहां किराया तक नसीब नहीं हुआ लोगों को वहीं लोगों के जेब में आज जीवन यापन के लिए कुछ भी नहीं रहा है तो मौजूदा सरकार से कांग्रेस की स्पीक ऑन प्रोग्राम के माध्यम से मांग रहे हैं कि कि वह हर व्यक्ति के खाते में ₹10000 एक माह देखकर उसे पुनः अपनी अर्थव्यवस्था के पहिए को गति देने के लिए निर्धारित किए जाए इस प्रोग्राम के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रेस वार्ता द्वारा इस चीज की जानकारी सार्वजनिक हित में की गई |

पटवारी परीक्षा का आवेदन कर चुके विद्यार्थियों के लिए NeW Patwari exam 2020

No comments: