क्या भविष्य के लिए तैयार है इंडिया Corona all study India vs all world


क्या भविष्य के लिए तैयार है इंडिया  Corona all study India vs all world



18 दिसंबर 2019 को कोवीड 19 Corona  महामारी ने एक बार वर्तमान परिपेक्ष को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या भारत भविष्य के लिए आने वाली समस्याओं के लिए कितना तैयार है इस बारे में आज हम चर्चा करेंगे कि भारत एक सुदृढ़ सृजनात्मक शक्ति के साथ आत्मनिर्भर तत्व और श्रम शक्ति से किस प्रकार ऐसी आपदाओं से तैयार खड़ा है।

 Corona

 इसकी तुलना हम विश्व के अन्य देशों से कोरोना काल में किस तरह अन्य देशों से भारत ने अच्छे प्रयास किए हैं एवं सुझाव देने का प्रयास करेंगे कि किस प्रकार की कमियों के कारण आज महामारी फैल रही है

कोरोना से निपटने के लिए भारत सरकार के प्रयास


  •  कोराना से निपटने के लिए वर्तमान बीजेपी सरकार ने कई सारे अच्छे कदम निभाए आज देखने को मिला है कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हत्यार सिद्ध हुई है कि बीमारी को कम से कम फैलाने में भारतीय नागरिकों की जागरुकता और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक किस प्रकार की बीमारी फैल रही है।
  •  और इसके बचाव के उपाय को लोगों तक आसानी से पहुंचा सके इसके लिए सरकार ने सोशल मीडिया का काफी हद तक जनहित में उपयोग किया है।
  •  वहीं सरकार ने गरीब एवं मजदूर वर्ग के लिए काफी सारी योजनाओं का आगाज किया है जिसके तहत किसान सम्मान निधि में प्रतिवर्ष किसानों को 6000 वार्षिक अनुदान देने का निश्चय किया है। एवं कोरोना टाइम में और कोरोना समय में 2000 रुपए किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर किए हैं तथा जनधन खाताधारकों को हजार रुपे प्रतिमाह सीधे खाते में ट्रांसफर किए जा रहे हैं ।
  • यह सरकार की गरीबों के प्रति संवेदना का सबसे बड़ा उदाहरण है कि लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने जनधन खाते के माध्यम से लोगों तक जनजीवन को सहज करने के लिए  नकद राशि का भुगतान काफी हद तक लोगों के लिए मददगार साबित हुआ
  •  वहीं सरकार ने उज्जवला योजना में 3 माह गैस सिलेंडर फ्री कर अतिरिक्त भार को कम किया है इससे लोगों को इस आपदा काल में काफी सा सारा योगदान मिला है

रिस्पांसिबल इंडियन( India self-sufficient) ही भारत को आत्मनिर्भर new ideas by 2020


कोराना को लेकर सरकार के कड़े फैसले


1 .लोकडाउन 


   lockdown जो कि सरकार का सबसे बड़ा फैसला था कि भारत को लोग डाउन के माध्यम से पूर्णिमा मारी को फैलने से रोका जाए ताकि इस प्रकार की त्रासदी को ग्रामीण परिवेश में बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया कि भारत को लोग डाउन कर दिया जाए

2.  अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिबंध


अंतरराष्ट्रीय आयात निर्यात के व्यापार को कोरोना काल में पूर्णतया बंद कर दिया गया यह सरकार का बहुत बड़ा फैसला होता है जिसे भारत के परिपेक्ष में और भारत को इस बीमारी से बचाए रखने के लिए यह कठोर फैसला भी सरकार द्वारा लिया गया

 4.अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय उड़ानों पर पूर्णतया प्रतिबंध


 अंतरराष्ट्रीय वह अंतर राज्य  उड़ानों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया प्रथम राष्ट्रीय कोरोना के बारे में जानकारी के अभाव में यह कदम थोड़ा पहले उठाया जाता तो शायद आज भारत में एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं होता

5 . राष्ट्रीय राजमार्ग सभी टोल नाके बंद


Lockdown  के चलते राष्ट्रीय मार राजमार्गों को भी पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया जिससे कि कोरना को फैलने से आसानी से रोका जाए मगर इसी बीच श्रमिक मजदूरों ने पैदल चलकर कई किलोमीटर की यात्रा पूरी की है इसी वजह से कोरोना  महामारी का वर्तमान स्वरूप हमें देखने को मिला है यदि सरकार इन प्रवासी मजदूरों के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाते तो शायद इसे फैलने  रोकथाम होती।

 5. कोरना काल में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के लिए 50 लाख  के बीमा क्लेम की घोषणा


कोरोना काल में डॉक्टरों एवं नर्सिंग कर्मियों के लिए सरकार ने  लिए भारत  50 लाख  रुपए के आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा की ताकि Corona  योद्धाओं के लिए डट कर काम करने में सहायक सिद्ध होती है


6. आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा


 वर्तमान बीजेपी सरकार ने कोरना  ने त्रासदी से अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए  आत्मनिर्भर  अभियान की शुरुआत की जिसके तहत सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है।

 जिसमें लघु एवं कुटीर उद्योगों को एवं कृषि यंत्रों एवं सभी प्रकार के अर्थव्यवस्था के अधरों के लिए लोन के आधार पर ऋण देने की व्यवस्था की है ।
लोगों को अपने रोजगार एवं व्यवसाय सर्जन के लिए बिना गारंटी के लोन देकर फिर से भारत को खड़ा करने में मदद मिलेगी।

कोरोना काल में सबसे प्रभावित वर्ग मजदूर इनके लिए 


हो रचनात्मक रोजगार 


 कोराना काल में सबसे प्रभावित जो वर्ग हुआ वह  प्रवासी  मज़दूर है  जो कि अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए अन्य राज्य में जाकर व्यवसाय की तलाश में मजदूरी करने लगा था वह को कोरना काल में अपने पैतृक गांव में जाने के लिए तरस गया तो क्यों ना वर्तमान सरकार इन को रोजगार देकर गांव में ही बसा दे हमेशा के लिए कि भविष्य में ने गांव छोड़कर रोजगार के लिए कहीं बाहर न जाना पड़े।
इनको रचनात्मक रोजगार के माध्यम से जो कि भारत की रोजमर्रा की आवश्यकता है उनके वीनिर्माण में अपने रोजगार को छोड़ कर और बेरोजगार हुए ग्रामीण श्रम शक्ति को एक सही दिशा में मोरनी की जरूरत है जिससे देश की श्रम शक्ति के निर्मित वस्तुओं का उपयोग भी भारत में ही होने लगे तो इस अर्थव्यवस्था की चैन को हम आगे बढ़ा पायेंगे

 आज के परिवेश में जो रोड ऊपर पर मंजर दिखा यदि उसे भविष्य में नहीं देखना चाहते हैं तो हमें विस्थापित हुए बेरोजगार भारतीय जनता को रोजगार के अवसर कामों में और उनकी सुविधा के अनुसार मुहैया कराने पड़ेंगे एवं उनके पारिश्रमिक को भी जो कि 2005 में निर्धारित हुआ था उसके अनुसार ना करके 2020 में व्यक्ति के औसत खर्च को ध्यान में रखते हुए श्रम का निर्धारण कर इन बेबस लोगों का सरकार ध्यान देवें तो भारत का एक भी मजदूर फिर से कभी भी रोड पर चलने के लिए मजबूर नहीं होगा


बेरोजगारों के लिए भारतीय सरकार द्वारा कदम उठाने की जरूरत


 बेरोजगारों के लिए भारत को बारीकी से पढ़ने की जरूरत है क्योंकि विविधता में एकता का देश बहुत सारे रोजगार की दृष्टि से भी विविधता में भारत का स्थान नंबर वन है क्योंकि उसके हर गली में लघु एवं कुटीर उद्योग बसते हैं जहां हर घर में रोजगार के अलग-अलग आया में वहां सबसे पहले ध्यान देने की जरूरत है वह है कृषि क्षेत्र में कैसे सरकार योगदान करें
1.  सरकार को कृषि के क्षेत्र में गुणवत्ता आधारित कृषि जैविक कृषि पर जोर देना चाहिए
2. कृषि में उर्वरकों के निर्भरता को कम करने की आवश्यकता आज भारत में महत्वपूर्ण है
3. कृषि यंत्रों का एग्जीबिशन एवं किसान मेलों के माध्यम से कृषि की उन्नत तकनीक के बारे में लोगों को जागरूक करना
4. polyhouse aur greenhouse के माध्यम से कृषि में क्रांतिकारी कदम लाना
5. उपयोगी कृषि यंत्रों पर सब्सिडी बढ़ाना
6. कृषि संबंधी वैज्ञानिकता को बढ़ाने के लिए तहसील स्तर पर मृदा जांच एवं उन्नत बीज के लिए केंद्र की स्थापना जो कि कृषि संबंधी नए आयामों को व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करेगी
7. भंडारण संबंधित व्यवस्थाएं पूर्ण कराने से ही हमारे देश में खाद्यान्न की समस्या हल हो जाएगी हमारे देश में जितना 1 वर्ष में गेहूं खाया जाता है उसका 30 से 40% चूहे और पानी खराब कर देता है
8. समर्थन मूल्य को आवश्यक वस्तुओं में रखते हुए कृषि उत्पादों को के समर्थन मूल्य को पुरे भारत के लिए एक कर देना चाहिये
9.  किसानों को भी कोरोना काल में बिजली एवं कृषि उपकरणों के लोन में विशेष सूट दी जावे जिससे कि किसान फिर से खड़ा हो
10. किसानों के लिए एवं के आपदा से निपटने के लिए बीमा योजना को प्रभावी रूप से लागू करने की जरूरत है |

 पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड | New Exam Date 2020 & Admit Card Download


Writer shivam patel

आप लोगो को समझने कि ज़रूरत है खाली
फजे कोगा मने नी केयू

No comments: