रिस्पांसिबल इंडियन( India self-sufficient) ही भारत को आत्मनिर्भर new ideas by 2020

रिस्पांसिबल इंडियन(  India self-sufficient) ही भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा  new ideas by 2020

रिस्पांसिबल इंडियन

 वर्तमान परिपेक्ष को देखते हुए कोरोना काल में जहां व्यक्ति का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है इस परिपेक्ष को देखते हुए भारत काफी हद तक इस महामारी से अन्य देशों की तुलना में काफी अच्छा प्रदर्शन करता है और कर रहा है मौजूदा सरकार काफी अच्छे प्रयासों सोशल मीडिया के माध्यम से जनता में जागरूकता लाकर इस बीमारी से बचने के जो भी उपाय उनको सार्वजनिक करेगा लोगों तक पहुंचाने का इस बीमारी का वर्तमान में कोई व्यक्ति ना हो रहने के कारण हमें इस बीमारी के साथ जीना कैसे हैं वही परिभाषा एक रिस्पांसिबल इंडियन भारतीय नागरिक अच्छे से जाने इस परिपेक्ष में हम रिस्पांसिबल इंडियन भारतीय नागरिक के मूल  कर्तव्य पर चर्चा करेंगे तथा उन मूल  कर्तव्य का वर्तमान परिपेक्ष बदला है इस पर चर्चा करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में काफी सारी स्थितियां बदली है जहां दुनिया में विश्व युद्ध ,बंदूकों, तोपों, टैंकों के माध्यम से लड़े जाते थे वही इस युग में 21वीं सदी में लोग तरह तरह की बीमारी से जूझ रहे हैं चाहे इंसान अपने खुद के लिए चांद तारे बना रहा है

 पर इस बीमारी के आगाज में भारत तथा विश्व के सभी देशों को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था भी जोकि हम पढ़ते हैं बचपन से कृषि पर आधारित है भारत की जनसंख्या को देखते हुए जनशक्ति श्रम शक्ति भी  प्रचुर मात्रा में होते हुए इसे सही दिशा दर्शन देने की मात्र आवश्यकता है इसके लिए हमें सबसे पहले रिस्पांसिबल इंडियन भारतीय नागरिक बनना पड़ेगा

 रिस्पांसिबल इंडियन  बनने के लिए क्या करना पड़ेगा  

Public and health sector  बजट 2020 कुल बजट का 2.6%


भारतीय नागरिक अर्थात रिस्पांसिबल इंडियन बनने के लिए व्यक्ति को भारतीय मूल कर्तव्य जो भविष्य  के परिपेक्ष को देखते हुए निर्धारित किए हुए थे
    वर्तमान में उन्हें ऐसी महामारी के दौर में हमें उसे निर्वहन करने की आवश्यकता है इसमें चाहे व्यक्ति अपना किसी भी प्रकार से योगदान देकर देश हित में कार्य करते हुए देश को नई गति प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम बढ़ाए व्यक्ति को इस समय सोचना  है कि राजनीतिक पार्टियों के  छींटाकशी में न आकर इस समय मात्र और मात्र भारत के बारे में सोच कर व्यक्ति को जीने की नई कला सीखने की जरूरत पड़ेगी वहीं भारतीय नागरिक को भारतीय मुद्रा को विदेश में ना जाए इसलिए महत्वपूर्ण कदम उठाने पड़ेंगे इसी प्रकार हम जानेंगे कि किस प्रकार एक


रिस्पांसिबल इंडियन का भारतीय नागरिक का योगदान कैसे देश को फिर से खड़ा करता है


 रिस्पांसिबल इंडियन सीखने के लिए हमें सबसे पहले जापान का अध्ययन करना पड़ेगा जापानी लोगों के रहन-सहन श्रमबल का सर्वोत्तम उपयोग सीखने की आवश्यकता आज के परिपेक्ष में हमें पड़ेगी जिस प्रकार नागासाकी और हिरोशिमा पर अमेरिका ने परमाणु बम गिराए और जापान को कोरोना से भी बड़ा आर्थिक सामाजिक राजनीतिक दिया था लेकिन जापान के लोगों ने हाथों पर इतना बढ़ा दिया कि लोग दिन के 14 घंटे भी काम कर कर जापान को फिर से आज दुनिया के अग्रणी पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया है
जापान में जब अमेरिका ने परमाणु बम गिराया हिरोशिमा और नागासाकी हमारे इंडिया के दिल्ली और मुंबई जैसे महानगर थे पर फिर भी जापानी लोगों ने अपनी बुद्धि देश के प्रति प्रेम कर्म निष्ठा को ध्यान में रखकर फिर से अपन को खड़ा करने में जो अपार सहयोग दिया है वही भारतीयों को आज करने की आवश्यकता है उसके लिए रिस्पांस लेना पड़ेगा आपको जो भारतीय नागरिक की सबसे अच्छी पहचान है

देश को आगे बढ़ाने के लिए उसके खर्च को कम से कम करें  रिस्पांसिबल इंडियन की जिम्मेदारी


 वही बात करते हैं कि एक आम नागरिक सोचता है कि मैं कैसे देश का खर्चा कम करो क्योंकि उसकी समझ यही है कि देश का खर्चा मात्र सेना सामरिक सुरक्षा पुलिस बल आदि द्वारा खर्च होता है
भारतीय नागरिकों सोचने की जरूरत है कि उसकी सुख सुविधा के लिए जो भी सुविधाएं सरकार ने उसे मुहैया करा रखी है उसमें पानी से लेकर बिजली चलने वाली रोड आदि के माध्यम से सरकार आपको चिकित्सा बच्चों के लिए स्कूल जो कि आम नागरिक को नजर ही नहीं आता की उसके लिए भी सरकार खर्च बयान कर रही है
इसी को कम करने की जरूरत है आज इसके लिए आप बिजली बचा सकते हैं |
 भारत की पढ़ाई करके भारत के लिए ही रोजगार सर्जन के कार्य में रिस्पांसिबल इंडियन होने के नाते लगे रहे बहुत सारे रोजगार के अवसर आज का युवा इंडिया में पढ़कर पार विदेश में काम कर खुश है उसे आज इंडिया के बारे में सोचने की जरूरत है
 क्योंकि उसे इस लायक भारत में ही बनाया भारत ने ही ऐसी चीजें मुहैया कराई जिसकी बदौलत आज उसमें जो सर्जन सकती है वह पैदा हो सकी तो इस रिपॉसिबल इंडियन होने के नाते हर व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से अपना योगदान भारतीय अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए दे सकता है केवल सोच बदलने की जरूरत है

 देश के प्रति जागरूक और कनिष्ठ व्यक्ति भविष्य के लिए सर्जनात्मक भरत का निर्माण कर सकते हैं आज के आर्टिकल के माध्यम से हम जानेंगे कि भारतीय व्यक्ति को भारत की नागरिकता रिस्पांसिबल इंडियन होने के नाते ही मिली है इस पर हम चर्चा करेंगे कि एक रिस्पांसिबल इंडियन कैसे अपने देश को आगे बढ़ाने में मदद करता है एवं जापान से तुलनात्मक अध्ययन करेंगे कि देश को कैसे आगे बढ़ाना है


रिस्पांसिबल इंडियन कैसे आत्मनिर्भर बनेगा


रिस्पांसिबल इंडियन को आज हाथ फैलाने की नहीं हाथ बढ़ाने की जरूरत है आज के परिपेक्ष को देखते हुए व्यक्ति व्यक्ति के काम आ रहा है आज समाज में देखने को मिल रहा है कि कई सारे कोरनर वेरीयस लोगों की मदद कर रहे हैं लोगों तक खाना पहुंचा रहे हैं कई लोगों उन लोगों को उनके घर तक पहुंचा रहे हैं जहां आज के परिपेक्ष में पैसा काम नहीं आ रहा है वह लोग ही लोग के काम आ रहे हैं कृषि प्रधान देश भारत में आत्मनिर्भर युवा नहीं होगा तो फिर देश किस दिशा में बढ़ रहा है इसकी परिकल्पना करना भी मुमकिन नहीं है |

आत्मनिर्भर बनने के लिए हमें स्वदेशी चीजों का उपयोग करना अपनी आदत में लाना पड़ेगा भारतीय आजादी में भी स्वदेशी का बहुत बड़ा योगदान रहा है विदेशी अंग्रेजों की कंपनियों को भारत के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया इसमें स्वदेशी अपनाओ विदेशी कपड़ों की होली ऐसे कई सारे स्वदेशी आंदोलनों आंदोलनों के माध्यम से आज के भारत की परिकल्पना को आज के भारत की परिकल्पना को आजादी के वीरों ने एक जीता जागता उदाहरण दिया है कि स्वदेशी के माध्यम से काफी हद तक जंग जीती जा सकती है  responsible Indian बनने के लिए आत्मनिर्भर बनना सबसे महत्वपूर्ण रहेगा भारतीय व्यक्ति को भारत के बारे में सोचना एवं उसे फिर से उस मुकाम तक पहुंचाना जहां वह था इसके लिए भारतीय व्यक्तियों की सोच को एकजुट करना जरूरी है

भारतीय सरकारी कानून बनाए की स्वदेशी वस्तुओं पर मेड इन इंडिया का मार्कर हो


 आज बहुत सारी चीजों में जिन्हें स्वदेशी के नाम से विदेशी कंपनियां बेच रही है जैसे कि वर्तमान में हमें उदाहरण देखने को मिला कि पीटर इंग्लैंड भारतीय कंपनी है और हिंदुस्तान लीवर विदेशी कंपनी है इस प्रकार बहुत सारी चीजों में राम के भरोसे भारतीय मार्केट में प्रतिस्पर्धा को देखते हुए विदेशी कंपनियां भी भारत के मिलते-जुलते नामों के माध्यम से भारी मुनाफा कमा रही है वही अपने पैर भारत में जमा हुए हैं आज हमें आवश्यकता है कि जितनी भी भारतीय वस्तु हैं उन पर जिस प्रकार से वेजीटेरियन ओर नॉनवेजिटेरियन केले ग्रीन और रेड मार्क हैं उसी प्रकार कोई हॉलमार्क इन भारतीय वस्तुओं पर दर्ज किया जाए जिससे आसानी से भारतीय व्यक्ति उसके बारे में जान सके कि वह वस्तु पूर्णता मेड इन इंडिया है और इस प्रकार हम भारतीय वस्तुओं को आईडेंटिफाई करके लोगों में जागरूकता को आसान करने में एक अहम योगदान होगा कि हम भारतीय वस्तुएं जो कि भारत में निर्मित हुई है एवं भारत को आत्मनिर्भर करने में सहयोग देगी इसके लिए कोई मेड इन इंडिया का हॉलमार्क बनाना जरूरी है जिससे लोगों में सरलता और सहजता रहेगी कि वह विदेशी है उस और ऐसी वस्तुओं में फर्क समझ सके |


 जापान जैसे देश से सीखनी होगी दृढ़ता


 आज भारत को फिर से अग्रणी पंक्ति में लाने के लिए जापान से दृढ़ता की सीख लेनी चाहिए जापान के लोग देश के प्रति जो देश प्रेम है वही जापान की तरक्की में सबसे बड़ा योगदान है जापान के लोग देश पर अतिरिक्त कार्यभार नहीं बनने देते हैं यह लोग स्वच्छता के मामले में नंबर वन है तथा इनका श्रम करने का जो टाइमिंग है वह भी वर्ल्ड में सबसे ज्यादा है यहां के लोग सोचते हैं कि देश को एक आसान से जन जीवन से ही उच्च कोटि तक पहुंचाया जा सकता है वहीं भारत को आज जापान की दृढ़ शक्ति से सीखने की जरूरत है भारत में साफ-सफाई को लेकर भी कई अभियान चलाए जाते हैं फिर भी स्वच्छता एवं कई सारी चीजों में हम आज भी पिछड़े हुए हैं  हमें जापान से छोटी छोटी चीजों को सीख कर हमारे दैनिक दिनचर्या में अपना घर देश को नई गति नई दिशा प्रदान करने में एक रिस्पांसिबल इंडियन के नाते सहायता मिलेगी जहां कुछ नया सीखने को मिलता है भारतीय परंपरा रही है कि अच्छाइयों को ग्रहण करो तो हमें आज जापान से यह अच्छाई ग्रहण करके देश को एक नई गति प्रदान करनी पड़ेगी

 जो देश  प्रतिवर्ष 600 से ज्यादा भूकंप के झटके जलता है वह फिर से निरंतर चलने की प्रक्रिया को अपना कर जापान आज विश्व की विकसित देशों की सूची में जुड़ा हुआ है जापान के लोग सोचते हैं कि देश सर्वोपरि है उसी प्रकार भारतीयों को भी देश को सर्वोपरि  रखकर सोचने की जरूरत है

क्या भविष्य के लिए तैयार है इंडिया  Corona all study India vs all world


18 दिसंबर 2019 को कोवीड 19 Corona  महामारी ने एक बार वर्तमान परिपेक्ष को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या भारत भविष्य के लिए आने वाली समस्याओं के लिए कितना तैयार है इस बारे में आज हम चर्चा करेंगे कि भारत एक सुदृढ़ सृजनात्मक शक्ति के साथ आत्मनिर्भर तत्व और श्रम शक्ति से किस प्रकार ऐसी आपदाओं से तैयार खड़ा है इसकी तुलना हम विश्व के अन्य देशों से कोरोना काल में किस तरह अन्य देशों से भारत ने अच्छे प्रयास किए हैं एवं सुझाव देने का प्रयास करेंगे कि किस प्रकार की कमियों के कारण आज महामारी फैल रही है

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